पीलीभीत। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत गन्ना विकास परिषद बीसलपुर के ग्राम मानपुर में मंगलवार को एक दिवसीय ‘गन्ना कृषक मेला एवं गोष्ठी’ का भव्य आयोजन किया गया। “नयी तकनीक, नयी सोच और खेती में नयी उड़ान” के संकल्प के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों प्रगतिशील किसानों ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने गन्ने की खेती को अधिक लाभप्रद बनाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों और उन्नत बीज प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य गन्ना सलाहकार डॉ. आर. सी. पाठक ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च उत्पादन प्राप्त करने के लिए स्वस्थ और रोगमुक्त बीज का चयन अनिवार्य है। वहीं, गन्ना किसान संस्थान शाहजहांपुर के सहायक निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार कपिल ने गन्ने की बुवाई के दौरान कतारों के बीच न्यूनतम 3 फीट की दूरी रखने की सलाह दी, ताकि पौधों को बेहतर वृद्धि के लिए उचित स्थान और पोषण मिल सके। उन्होंने मृदा परीक्षण के आधार पर यूरिया के साथ म्यूरेट ऑफ पोटाश, सल्फर और जिंक के संतुलित प्रयोग पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने किसानों को रोपाई विधि अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि गेहूं की कटाई के बाद देर से होने वाली बुवाई के बजाय यदि पौध तैयार कर रोपाई की जाए, तो इससे समय और बीज दोनों की बचत होती है और पैदावार भी बेहतर मिलती है। प्रगतिशील किसान डॉ. हरमीत सिंह ने पेड़ी गन्ने से 4-5 बार तक सफल फसल लेने के अपने अनुभव साझा किए। गोष्ठी में इफको एमसी के प्रतिनिधि प्रशांत चौधरी ने उत्पादों की उपयोगिता बताई। इस अवसर पर सचिव राजेश कुमार, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मनोज साहू और प्रधान प्रबंधक राजकुमार जैन सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
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