रूद्रपुर। मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के “नकल माफिया व शिक्षा में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई” के निर्देशों पर एसएसपी ऊधमसिंहनगर अजय गणपति का कड़ा प्रहार 09 से 10 करोड़ रुपये की नौ लाख चौहत्तर हजार पिच्चासी एनसीईआरटी की फर्जी किताबों का विशाल जखीरा बरामद’, ’शिक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले बड़े फर्जीवाड़े का हुआ भंडाफोड़,गहन जांच जारी।मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने प्रेस को बताया कि कोतवाली रूद्रपुर पुलिस ने कीरतपुर कोलडा में स्थित संदीप के गोदाम से 10 लाख नकली,एनसीईआरटी किताबें बरामद की थीं। एनसीईआरटी के स्वहव व नाम में कूटरचना कर छेडछाड की गई है किताबों के वारट मार्क में एनसीईआरटी के स्थान पर लिखा है एसीईआरटी।
कप्तान ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबों के भण्डारण के लिए एनसीईआरटी कार्यालय से यह गोदाम अधिकृत नहीं था,बताया अधिकांश किताबों में एनसीईआरटी का वाटर मार्क नहीं पाया गया।इस मामले में कोतवाली रूद्रपुर में एफआईआर न0 132 वर्ष 2026 धारा 318(4), 336(3),338,340(2) भा.न्या.सं. व 63/65 कॉपी राइट एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कोतवाली रूद्रपुर पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर दिनांक-14.03.2026 की रात्रि आनन्दम रिर्जाटे के पास एक कैन्टर न0 यूपी 37 बीटी 0562 को रोक कर कागजात चैक किये गये तो वाहन चालक द्वारा उक्त कैन्टर में किताबें होना और मेरठ ले जाना बताया गया। जिस पर पुलिस टीम द्वारा उक्त कैन्टर में लदी किताबों के बिल व कागजात चैक किये गये तो चालक के पास ई-वे बिल होना नहीं पाया गया। चालक के पास मौजूद किताबों के बिल में भिन्नता पाये जाने पर संदेह की स्थिति उत्पन्न हुई और कैन्टर के अन्दर अत्यधिक मात्रा में एनसीईआरटी की किताबें लोड पायी गयी तथा चालक द्वारा किताबों का गोदाम भी दिखाया गया।जिस पर उच्चाधिकारियों के निर्देशन में मुख्य शिक्षा अधिकारी व खण्ड शिक्षा अधिकारी एंव तहसीलदार(मजिस्टृट) को मौके पर बुलाया गया,शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा भी उक्त पुस्तकों को नकली होना बताया, तत्पश्चात तहसीलदार (मजिस्ट्रेट) की मौजूद में गोदाम की ताला खोल कर गोदाम का निरीक्षण करने पर गोदाम के अन्दर करीब 11 लाख 30 हजार किताबों का भण्डारण किया जाना पाया गया।गोदाम स्वामी के बारे में जानकारी करने पर गोदाम राजेश कुमार जैन का होना पाया गया तथा उक्त गोदाम संदीप नाम के व्यक्ति को किराये पर देना बताया गया। उक्त किताबों की जाँच हेतु एनसीईआरटी दिल्ली के अधिकारी दीपक कौशिक के नेतृत्व में टीम के रूद्रपुर आने पर एनसीईआरटी की टीम द्वारा उक्त किताबों की छपाई,कागज,बाईडिंग,कवर डिजाईन एनसीईआरटी के मानकों के अनुरूप न पाये जाने तथा एनसीईआरटी के मार्क का कूटकरण कर नया वाटर मार्क बनाकर एनसीईआइटी के स्थान पर एसीईआरटी अंकित कर आम जनमानस को धोखा देकर एनसीईआरटी की पुस्तक अंकित कर मुद्रण एवं वितरण व भण्डारण किया जाना पाया गया। गोदाम में मौजूद किताबों का अनुमानित मूल्य 11 करोड़ रुपये है।उक्त सम्बन्ध में एनसीईआरटी की जाँच टीम द्वारा दी गयी रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली रूद्रपुर में एफआईआर न0 132 वर्ष 2026 धारा 318(4),336(3),338,340(2) भा.न्या.सं. व 63/65 कॉपी राइट एक्ट बनाम संदीप आदि पंजीकृत किया गया है। बरामदा नकली ,कूटरचित पुस्तकों के विवरण के अनुसार कैन्टर में लोड की गयी 244 कॉटन बॉक्स में कुल-14640 पुस्तकें,कैन्टर के अन्दर बिना कॉटन बॉक्स के खुली दशा में रखी गई कुल-10225 पुस्तकें,गोदाम के अन्दर चट्टे बनाकर रखी गयी कुल-949220 पुस्तकें एनसीईआरटी की नकल,कूटरचित,एक कैन्टर न0 यूपी 37 बीटी 0562 में कुल पुस्तकें -974085 पुस्तकें (नौ लाख चौहत्तर हजार पिच्चासी) पायी गयीं। पुलिस टीम में एसएचओ रूद्रपुर मनोज रतूडी,एसएसआई अनिल जोशी,एसआई प्रियांशु जोशी,एसआई चन्दन सिंह बिष्ट,एसआई दीपक बहुगुणा,अपर उपनिरीक्षक अमित कुमार,आरक्षी प्रवीण गोस्वामी,आरक्षी हरीश बिष्ट,आरक्षी विजय दरम्याल,आरक्षी कृष्णा टम्टा,आरक्षी ताजवीर शाही,आरक्षी दीप पाटनी एंव आरक्षी चालक नरेश जोशी शामिल रहे।
रूद्रपुर। कोतवाल मनोज रतूडी ने कहा है कि फिलहाल पुलिस गोदाम मालिक और किराएदारों से पूछताछ कर रही है तथा पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह मामला बच्चों की शिक्षा और भविष्य से सीधे जुड़ा होने के कारण बेहद गंभीर माना जा रहा है।उन्होने स्पष्ट कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस तरह के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह अंकुश लगाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।
