पीलीभीत। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के एक गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ छेड़छाड़ और मारपीट से आहत एक नाबालिग किशोरी ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के समय किशोरी के माता-पिता मेरठ में मजदूरी करने गए थे और वह अपनी बहन के साथ खेत पर मटर तोड़ने गई थी। इसी दौरान गांव के ही कुछ दबंगों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि परिवार के ही एक युवक ने किशोरी को गन्ने के खेत में खींचकर दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर किशोरी को अपमानित करने के लिए उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए।
नहर में छलांग और फिर फंदे पर सुसाइड
घटना से किशोरी इस कदर आहत हुई कि उसने तुरंत पास की नहर में छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। हालांकि, आत्मसम्मान को पहुंची चोट के कारण घर पहुँचकर किशोरी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि इस भयावह घटना के बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने उस समय शव का पोस्टमार्टम तो कराया, लेकिन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया, जिससे पीड़ित परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर रहा।
न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई
पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब न्यायालय के सख्त आदेश के बाद पुलिस ने हरकत में आते हुए आरोपी शकुंतला देवी, मीरा देवी, अनिल और ज्योति के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि न्याय मिलने में हुई देरी ने पीड़ित परिवार की मानसिक पीड़ा को और अधिक बढ़ा दिया है।
जांच में जुटे अधिकारी
पुलिस प्रशासन का कहना है कि अदालत के आदेश के बाद मामले की विवेचना तेजी से की जा रही है। जांच में मारपीट, छेड़छाड़ और किशोरी की मौत के कारणों सहित सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।