नई दिल्ली। वर्ष 2026 का पहला खगोलीय घटनाक्रम 3 मार्च, मंगलवार को होने जा रहा है। इस दिन फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा। खगोल शास्त्रियों के अनुसार, यह एक खंडग्रास चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा।

कहाँ-कहाँ दिखाई देगा ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण केवल भारत में ही नहीं, बल्कि एशिया के अन्य देशों, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका जैसे दुनिया के कई हिस्सों में साफ दिखाई देगा। भारत में दिखाई देने के कारण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इसका विशेष महत्व माना जा रहा है।

सूतक काल का प्रभाव:
चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान होगा, इसलिए इसका सूतक काल भी पूरी तरह प्रभावी रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है। सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं और शुभ कार्यों की मनाही होती है।

ग्रहण का महत्व:
फाल्गुन पूर्णिमा पर लगने वाले इस ग्रहण का असर सभी राशियों पर पड़ेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप और ग्रहण समाप्ति के बाद दान-पुण्य करना विशेष फलदायी होता है। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

ज्योतिष आचार्य पंडित सुशील शुक्ला शास्त्री बताते हैं कि “चंद्र ग्रहण में सूतक काल ग्रहण लगने के 8 घंटे पहले से शुरू हो जाता है. पंचांग के मुताबिक चंद्र ग्रहण का समय शाम 6ः00 बजे से शुरू होगा और शाम को ही 6ः48 तक रहेगा. इसका सूतक 8 घंटे पहले सुबह 10 बजे के पहले से लग जाएगा.“ इस बार चंद्र ग्रहण होलिका दहन वाले दिन पड़ रहा है. इसके ठीक दूसरे दिन यानि 4 मार्च 2026 को होली खेली जाएगी.

ज्योतिष आचार्य पंडित सुशील शुक्ला शास्त्री बताते हैं कि “सूतक काल के दौरान मंदिरों के पट बंद रहते हैं, जो सूतक काल मानते हैं वो सूतक काल में भोजन नहीं करते हैं. जब ग्रहण खत्म हो जाए सूतक काल खत्म हो जाये तो नहाकर भोजन बनाएं और भोजन करें. सूतक काल लगने से पहले जो भोजन बचा है उसमें तुलसी दल डाल दें.“

ज्योतिष आचार्य बताते हैं कि “चंद्र ग्रहण के दौरान बाहर न निकलें, चंद्र दर्शन न करें, जो गर्भवती महिला हैं वो विशेष कर ध्यान रखें कि चंद्र दर्शन ना करें. चंद्र ग्रहण जब पड़े तो चंद्र दर्शन ना करें, ग्रहण के दौरान उसकी छाया में ना निकलें और घर के अंदर रहें. खिड़की दरवाजे बंद कर लें, जिससे उसकी छाया उन पर ना पड़े और प्रिकॉशन चाहते हैं तो गाय के गोबर का लेप अपने पेट पर कर लें तो चंद्रमा की छाया किसी भी तरह से नहीं पड़ेगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *