पीलीभीत। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) के वन और वन्यजीव प्रभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की गई। आम तौर पर पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियानों का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस बार पीटीआर प्रभाग ने प्रकृति के साथ-साथ मानव जीवन की रक्षा का संदेश देते हुए एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। यह जीवन रक्षक शिविर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के ‘शहीद कुंदन लाल सभागार’ में अत्यंत गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ।
शिविर का मुख्य उद्देश्य न केवल विश्व पर्यावरण दिवस के संदेश को फैलाना था, बल्कि आमजन को स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा, और वनों व वन्यजीवों से होने वाले अमूल्य लाभों के प्रति जागरूक करना भी था। वन विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार वन और वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को जीवन प्रदान करते हैं, उसी प्रकार रक्तदान भी संकट में पड़े इंसानों को नया जीवन देता है। पर्यावरण और मानव जीवन दोनों का संरक्षण बेहद जरूरी है।
इस पुनीत कार्य में पीलीभीत टाइगर रिजर्व सर्कल के वन कर्मियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अभियान को और अधिक मजबूती देने के लिए ‘सशस्त्र सीमा बल’ के अधिकारियों और जवानों ने भी शिविर में पहुंचकर स्वैच्छिक रूप से रक्तदान किया। राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों और वनों की रक्षा करने वाले वन कर्मियों को एक साथ मानवता की सेवा के लिए रक्तदान करते देख स्थानीय युवाओं में भी भारी उत्साह देखा गया।
शिविर के अंत में वन प्रभाग द्वारा सभी रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वन्यजीव प्रभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सफल आयोजन के लिए एसएसबी और स्थानीय जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रकृति और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी हमेशा सर्वोपरि रहनी चाहिए।