उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बदमाशों और उनके समर्थकों ने पुलिस के इकबाल को खुली चुनौती दी है। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के पदारथपुर गांव के पास गुरुवार रात (22 जनवरी) को चोरी की बैटरियां बरामद करने गई एसओजी-2 की टीम पर ग्रामीणों और हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसा में एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया है।

दबिश और घेराबंदी: एसओजी टीम को सूचना मिली थी कि चोरी की बैटरियों की एक बड़ी खेप वाहन के जरिए ले जाई जा रही है। टीम ने पदारथपुर के पास घेराबंदी की。

विवाद की शुरुआत: घेराबंदी के दौरान सड़क पर जाम लग गया। जाम में फंसे एक डंपर चालक ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता शुरू कर दी। डंपर चालक ने शोर मचाकर गांव से भीड़ बुला ली और पुलिस टीम को “चोर” बताकर भड़का दिया।

हिंसक हमला: देखते ही देखते गांव से आई भीड़ ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमले में सिपाही मधुर के सिर पर लोहे की रॉड से वार किया गया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े।

पिस्टल छीनने का प्रयास: हमलावरों ने घायल सिपाही की सरकारी पिस्टल छीनने की भी कोशिश की, लेकिन टीम के अन्य सदस्यों ने डटकर मुकाबला किया।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई:

घटना की जानकारी मिलते ही कई थानों की पुलिस फोर्स और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस बल ने गांव की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।

गिरफ्तारी: अब तक 6 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है。

मुकदमा: पुलिस ने पूर्व प्रधान समेत 28 ज्ञात और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा और लूट के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

एसएसपी बरेली ने स्पष्ट किया है कि वर्दी पर हाथ डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सभी हमलावरों के खिलाफ सख्त गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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