रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के रुद्रपुर में चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी की कथित मनमानी और अमानवीय व्यवहार के खिलाफ व्यापारियों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को खेड़ा निवासी युवा व्यापारी इरफान अली के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने कंपनी के कार्यालय के बाहर ढोल बजाकर नारेबाजी की और धरना प्रदर्शन किया।

बेटे की बीमारी और दो किस्तों का संकट

व्यापारी इरफान अली ने बताया कि उन्होंने करीब दो साल पहले अपनी डिजायर कार इसी कंपनी से फाइनेंस कराई थी। पिछले दिनों उनके बेटे की स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) में गंभीर बीमारी हो गई, जिसके इलाज में लगभग 15 लाख रुपये खर्च हो गए। इस भारी खर्च के कारण परिवार आर्थिक संकट में घिर गया और गाड़ी की दो किस्तें समय पर जमा नहीं हो पाईं।

बीच रास्ते सवारियां उतारने का आरोप

इरफान अली का गंभीर आरोप है कि 3 मई को फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने हरिद्वार में उनकी गाड़ी को रोका और उसमें बैठी सवारियों को बीच रास्ते उतारकर जबरन गाड़ी अपने कब्जे में ले ली। जब व्यापारी किस्त जमा करने कार्यालय पहुँचा, तो अधिकारियों ने दूसरी गाड़ी का हिसाब जोड़कर और अनाप-शनाप पेनल्टी लगाकर उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया।

पुलिस और प्रशासन का हस्तक्षेप

हंगामे की सूचना मिलते ही आवास विकास पुलिस और एलआईयू (LIU) की टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और कंपनी के रीजनल मैनेजर शिवराज ब्रिज से फोन पर वार्ता कराई। मैनेजर द्वारा कल (शुक्रवार) सुबह तक मामले के निस्तारण का ठोस आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन को फिलहाल स्थगित किया गया है।

प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चेहरे

इस दौरान मोहन खेड़ा, संजय जुनेजा, सौरभ राज बेहड़, परवेज कुरेशी, उमर अली, मोनिका ढाली, मोहम्मद अशफाक अंसारी, रणजीत सिंह राणा, अनंत बिश्नोई, मारूफ, रेहान, ताहिर, हैरी पन्नू, समप्रीत ग्रोवर, गौरव कुमार, गोविंद सिंह, सरजू सिंह सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कल सुबह तक न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

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