रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में महिला अपराधों के प्रति पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने रुद्रपुर कोतवाली की महिला हेल्प डेस्क पर तैनात दो महिला कांस्टेबलों, पायल आर्या और मंजू आर्या, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई तब हुई जब एक पीड़ित मां ने एसएसपी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई। महिला का आरोप है कि 17 अप्रैल 2026 को यश प्रताप सिंह नाम का युवक उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया, जिससे किशोरी गर्भवती हो गई। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि उन्होंने रुद्रपुर और पंतनगर कोतवाली समेत महिला हेल्प डेस्क के कई चक्कर काटे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
SSP की सख्त कार्रवाई और जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने लापरवाही बरतने वाली दोनों महिला कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला संबंधी अपराधों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- जांच का जिम्मा: पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच क्षेत्राधिकारी (CO) पंतनगर, डी.आर. वर्मा को सौंपी गई है।
- समय सीमा: जांच अधिकारी को सात दिन के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिसकर्मियों को कड़ा निर्देश
एसएसपी ने जिले के सभी पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया है कि ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत हर महिला फरियादी के साथ संवेदनशील व्यवहार करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर महिला शिकायतों के निस्तारण में देरी या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।