पीलीभीत। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम ने एक बार फिर एक जरूरतमंद मासूम की गंभीर बीमारी का समय पर निदान कर उसकी इलाज की राह आसान की है। विकासखंड मरौरी के ग्राम खपरैल गौटिया की रहने वाली पूजा की 1.6 वर्षीय बेटी रागिनी के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान एक गंभीर जन्मजात बीमारी की पहचान की गई।
ब्लाक मरौरी की आरबीएसके टीम-ए के डॉ. दिनेश कुमार, आप्टोमेट्रिस्ट राजीव कुमार और स्टाफ नर्स माला शर्मा द्वारा आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में रागिनी की जांच की गई। परीक्षण के दौरान बच्ची में ‘न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट’ (स्पाइना बाईफिडा) जैसी गंभीर समस्या का पता चला। टीम के सदस्यों ने बच्ची के परिजनों को बीमारी की गंभीरता समझाने के साथ-साथ सरकार द्वारा दी जाने वाली नि:शुल्क चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। टीम ने परिवार का विश्वास जीता और उन्हें लखनऊ जाकर उपचार कराने के लिए प्रेरित किया।
विभाग की तत्परता से बच्ची को सरकारी एंबुलेंस के माध्यम से डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लखनऊ संदर्भित किया गया, जहाँ पूर्णतः सरकारी खर्च पर उसकी नि:शुल्क सर्जरी कराई गई। इस सफल उपचार के बाद बच्ची के माता-पिता ने आरबीएसके टीम और स्वास्थ्य विभाग का आभार जताते हुए कहा कि समय पर पहचान और नि:शुल्क इलाज ने उनकी बेटी को नया जीवन प्रदान किया है।
स्वास्थ्य विभाग ने संदेश जारी करते हुए कहा कि आरबीएसके योजना के तहत बच्चों में जन्मजात विकारों और अन्य गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों से जोड़ा जा रहा है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिससे न केवल बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को भी एक नई उम्मीद मिल रही है।