पीलीभीत। नगर के ऐतिहासिक एवं प्राचीन परमठ मंदिर में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी ‘घंटे वाले बाबा’ की पावन स्मृति में 127वें जनकल्याण महायज्ञ का भव्य आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। महायज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत मंगलवार को कन्या भोज एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में भक्तों ने पूरे भक्तिभाव के साथ प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।
अपनी समृद्ध गुरु परंपरा का निर्वहन करते हुए इस धार्मिक अनुष्ठान का सफल आयोजन महानिर्वाणी अखाड़े के पूज्य संत बाबा दिगंबर रोहिताश पुरी जी महाराज के संरक्षण व सानिध्य में कराया गया। कार्यक्रम की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि सावन मास के पावन समापन पर इस जनकल्याणकारी यज्ञ की शुरुआत वर्ष 1900 में हुई थी। इस परंपरा को आगे बढ़ाने का श्रेय गुरु बाबा सीताराम पुरी महाराज को जाता है, और उनके देवलोकगमन के पश्चात से ही वे स्वयं निष्ठापूर्वक इस धार्मिक विरासत और परंपरा का निर्वहन करते आ रहे हैं।
इस 127वें महायज्ञ में मुख्य यजमान की भूमिका अमरीश शर्मा ‘अंबू’ एवं उनकी धर्मपत्नी मृदुला शर्मा ने निभाई। धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे के दौरान मंदिर प्रांगण भक्तिमय भजनों से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर महंत ओमकार नाथ, राजकुमार अग्रवाल, आयुष सक्सेना, विनीत शर्मा, अवनीश शर्मा, अशोक सक्सेना, दिनेश अग्रवाल, पराग अग्रवाल, संजय, आकाश कश्यप और मंजू अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व श्रद्धालु उपस्थित रहे।