पीलीभीत। ​पीलीभीत जिले के थाना दियोरिया कला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बढ़ेपुरा कुसमा में उस समय मातम पसर गया, जब वहां से बाजरा कटाई के लिए हरियाणा जा रहे श्रमिकों के भीषण हादसे का शिकार होने की खबर आई। ये सभी 11 श्रमिक और चालक ईको कार (संख्या UP 26 AR 7347) से हरियाणा जा रहे थे। रास्ते में हरियाणा के खरखौदा बस अड्डे के पास सुबह तड़के करीब 4:00 बजे इनकी गाड़ी भीषण हादसे की शिकार हो गई। शुरुआती दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बाद में दो और गंभीर घायलों की इलाज के दौरान दर्दनाक मृत्यु हो गई। इस भीषण त्रासदी में अब तक कुल 6 लोगों की जान जा चुकी है।


​ताज़ा जानकारी के अनुसार, पीजीआई मेडिकल कॉलेज रोहतक में इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल खुशालीराम (50) पुत्र रोशन लाल की भी दुखद मृत्यु हो गई है। इस भीषण दुर्घटना ने एक परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है, जिसमें पिता खुशालीराम और उनके पुत्र सुशील (22) दोनों की जान चली गई। हादसे में जान गंवाने वाले अन्य मृतकों में रामनरेश (35) पुत्र रामचंद्र मौर्य, अग्रपाल (30) पुत्र मैकूलाल वर्मा, मेवाराम (40) पुत्र दुर्गा प्रसाद वर्मा (सभी निवासी बढ़ेपुरा कुसमा) और चालक आरिफ पुत्र आशिक (निवासी ग्राम सुजनी) शामिल हैं। इस भीषण दुर्घटना में छह लोगों की अकाल मौत पूरे पीलीभीत जिले वासियों के लिए अत्यंत विचलित करने वाली और दुखद है।


​हादसे में घायल अन्य मजदूरों—प्रमोद (18), संजीव (25), पातीराम (27), महेंद्र पाल (60), हरिशंकर (35) और विवेक (20)—का इलाज रोहतक के अस्पताल में जारी है। घटना के बाद किसान नेता देवस्वरूप पटेल ने स्थानीय पुलिस और केंद्रीय राज्य मंत्री व सांसद जितिन प्रसाद को मामले से अवगत कराया, जिन्होंने हरियाणा के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर घायलों के समुचित इलाज और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। खरखौदा पुलिस परिजनों के पहुंचने पर पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर शवों को गांव भेजने की तैयारी में जुटी है।


​दर्दनाक हादसे की खबर जैसे-जैसे गांव में फैली, हर घर में सन्नाटा पसरा नजर आया। रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकले मजदूरों के परिवारों में अब सिर्फ चीख-पुकार और बिलखते परिजनों की दर्दभरी आवाजें ही सुनाई दे रही हैं। एक ही गांव के पांच और पास के गांव के चालक की अकाल मृत्यु से पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया है, तथा ग्रामीण पीड़ित परिवारों को संभालने में जुटे हुए हैं।


​प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नागेंद्र पांडेय, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव मिश्र ने तुरंत गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी और ढांढस बंधाते हुए शासन-प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता और हर संभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है, ताकि इस संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिल सके।

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