पीलीभीत। जनपद को फाइलेरिया मुक्त बनाने और जनमानस में इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को एक मिसाल पेश की। कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा की खुराक खाकर इस विशेष जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे बिना किसी संकोच के इस दवा का सेवन करें ताकि समाज को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि फाइलेरिया संक्रमण को रोकने, शरीर के भीतर मौजूद परजीवियों को खत्म करने और संभावित अंग विकृति को दूर करने के लिए यह दवा एक सुरक्षा कवच की तरह है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ‘हाथीपांव’ जैसी लाइलाज और कष्टदायक स्थिति से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को साल में एक बार फाइलेरिया की दवा का सेवन अवश्य करना चाहिए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के तहत जनपद के अंतिम व्यक्ति तक दवा की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी द्वारा स्वयं दवा खाने के इस कदम की सराहना की जा रही है, क्योंकि इससे आम जनता के बीच दवा को लेकर व्याप्त किसी भी प्रकार के भ्रम या डर को दूर करने में मदद मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि व्यापक जन-भागीदारी के माध्यम से पीलीभीत को फाइलेरिया मुक्त जिला बनाया जाए।