पीलीभीत। उपाधि महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की छात्र एवं छात्रा इकाई के संयुक्त तत्वावधान में ‘पर्यावरण जागरूकता अभियान’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति चेतना जागृत करना था। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे स्वयंसेवकों और युवाओं को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. गजेन्द्र सिंह एवं डॉ. कविता कनौजिया द्वारा किया गया। दोनों कार्यक्रम अधिकारियों ने वर्तमान समय की गंभीर चुनौतियों जैसे बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए अब हर नागरिक को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को जल संरक्षण करने और दैनिक जीवन में प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील की।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. दुष्यंत कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि एक स्वच्छ और हरित पर्यावरण ही स्वस्थ समाज तथा समृद्ध राष्ट्र की असली आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिन का अभियान न मानकर, इसे अपने रोजमर्रा के जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बनाएं।
इस अवसर पर मौजूद महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सत्येन्द्र नारायण ने भी युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्रकृति से जुड़ाव रखने की सीख दी। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्राध्यापकों, स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संकल्प लिया। साथ ही, सभी से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को बढ़-चढ़कर सफल बनाने की भावुक अपील की गई।