नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में भाजपा के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग (EC) का दरवाजा खटखटाया और खड़गे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

“भारी मन और गहरी नाराजगी के साथ आए हैं”
चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात के बाद किरेन रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के लिए अत्यंत अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा, “हम आज भारी मन और गहरी नाराजगी के साथ यहाँ आए हैं। आमतौर पर हम चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर आयोग आते हैं, लेकिन जिस तरह से प्रधानमंत्री के पद की गरिमा को ठेस पहुँचाई गई है, वह बर्दाश्त से बाहर है।”

भाजपा की मुख्य माँगें:

  1. आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन: भाजपा ने खड़गे की टिप्पणी को चुनाव आचार संहिता का घोर उल्लंघन बताया है।
  2. सार्वजनिक माफी: प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
  3. कड़ी कार्रवाई: भाजपा ने आयोग से खड़गे के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है ताकि भविष्य में ऐसी भाषा की पुनरावृत्ति न हो।

प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल
इस प्रतिनिधिमंडल में किरेन रिजिजू और निर्मला सीतारमण के अलावा अर्जुन राम मेघवाल (संसदीय कार्य राज्य मंत्री), भाजपा राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और ओम पाठक सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।


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