मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। सपा युवजन सभा के प्रांतीय महासचिव बाबर खरदौनी ने समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के तुरंत बाद उन्होंने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ आजाद समाज पार्टी (आसपा) का दामन थाम लिया।
चंद्रशेखर आजाद ने दिलाई सदस्यता
मेरठ में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने खुद बाबर खरदौनी और उनके समर्थकों को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। चंद्रशेखर आजाद ने बाबर खरदौनी को आसपा का नीला पटका पहनाकर पार्टी में उनका आधिकारिक स्वागत किया और इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में युवाओं की आवाज को मजबूत करने वाला कदम बताया।
सपा के युवा संगठन को बड़ा नुकसान
बाबर खरदौनी को मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी के एक सक्रिय और प्रभावशाली युवा चेहरे के रूप में देखा जाता था। स्थानीय निकाय और आगामी राजनीतिक समीकरणों से पहले उनका पार्टी छोड़ना सपा के जमीनी संगठन के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। खरदौनी के साथ सपा के कई स्थानीय बूथ स्तर के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी आजाद समाज पार्टी में शामिल हो गए हैं।
पश्चिमी यूपी में आसपा का बढ़ता कुनबा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बाबर खरदौनी के आने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवा और अल्पसंख्यक मतदाताओं के बीच आजाद समाज पार्टी अपनी पकड़ को और मजबूत करेगी। चंद्रशेखर आजाद पिछले कुछ समय से इस बेल्ट में लगातार सक्रिय हैं और अन्य दलों के असंतुष्ट नेताओं को अपनी पार्टी से जोड़कर संगठन का विस्तार कर रहे हैं।