पीलीभीत उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बरेली मंडल के उपनिदेशक पंचायत से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने जनपद पीलीभीत में सफाई कर्मचारियों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न और उनकी लंबित समस्याओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और मौखिक रूप से वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मुलाकात के दौरान जिला अध्यक्ष धर्मपाल सिंह, जिला महामंत्री रामसेवक वाल्मीकि, जिला संप्रेक्षक माजिद अली, मंडल अध्यक्ष रविंद्र कश्यप और बरेली जिला अध्यक्ष रूपलाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने उपनिदेशक को बताया कि जनपद पीलीभीत में कार्यरत पात्र सफाई कर्मचारियों की द्वितीय ए.सी.पी. नवंबर 2025 से देय हो चुकी है, लेकिन बार-बार अनुरोध के बावजूद इसे अब तक स्वीकृत नहीं किया गया है। साथ ही, वर्ष 2019 में किन्हीं कारणों से छूटे कर्मचारियों को प्रथम ए.सी.पी. का लाभ देने की भी मांग की गई। संघ ने वेतन विसंगति का गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि नवंबर 2009 में नियुक्त कर्मचारियों का वर्ष 2020 में गलत वेतन निर्धारण (फिक्सेशन) किया गया, जिससे पीलीभीत के कर्मचारियों को अन्य जनपदों की तुलना में कम वेतन मिल रहा है। संगठन ने इस विसंगति को दूर कर एरियर भुगतान की मांग की है।
ज्ञापन में मानवीय संवेदनाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्राथमिकता दी गई, जिसमें मृतक आश्रितों के बकाया देयकों व पेंशन का तत्काल भुगतान, रुके हुए वेतन की बहाली और एनपीएस धनराशि निकासी की प्रक्रिया को 15 कार्य दिवस के भीतर पूर्ण करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, पे-स्लिप, मानव संपदा पोर्टल पर डाटा अपडेट, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और अवकाश स्वीकृति जैसे कार्यों को समयबद्ध तरीके से निपटाने का आग्रह किया गया। संघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि सफाई कर्मचारियों से उनके निर्धारित ‘जॉब चार्ट’ के अनुसार ही कार्य लिया जाए, क्योंकि अतिरिक्त कार्यों के दबाव से उनका शारीरिक और मानसिक शोषण हो रहा है।
उपनिदेशक पंचायत ने संगठन की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) पीलीभीत से वार्ता करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से ए.सी.पी. स्वीकृति, गलत वेतन निर्धारण और जॉब चार्ट से इतर लगाई जा रही ड्यूटियों के समाधान हेतु पत्र लिखने का भी भरोसा दिलाया।