Delhi Police Crime Branch ने “ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0” के तहत संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर Rashid Cable Wala और Hashim Baba गैंग से जुड़े छह सक्रिय शार्पशूटरों और गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैज कुरैशी, माज, नवाजिश, अफाक, इमरान उर्फ टेली और अरशद उर्फ छोटा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी ट्रांस यमुना इलाके में सक्रिय थे और हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी तथा आर्म्स एक्ट के कई मामलों में पहले से शामिल रहे हैं।
क्राइम ब्रांच के अनुसार यह कार्रवाई पश्चिमी रेंज-1 की टीम ने इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में एसीपी राज कुमार की निगरानी और डीसीपी हर्ष इंदौरा के निर्देशन में की। पुलिस को सूचना मिली थी कि गैंग के सदस्य करोल बाग स्थित एक क्लब में इकट्ठा होकर किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहे हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस ने करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास निगरानी शुरू की और देर रात क्लब से बाहर निकले चार संदिग्धों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनकी कार से चार अत्याधुनिक अवैध पिस्टल, जिनमें दो इटली निर्मित बेरेटा पिस्टल शामिल हैं, और 32 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
इसके बाद पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने दो अन्य गैंग सदस्यों अरशद उर्फ छोटा और इमरान उर्फ टेली को भी गिरफ्तार कर लिया। आगे की कार्रवाई में अतिरिक्त हथियार और आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने प्रतिद्वंद्वी गैंग के सदस्यों की हत्या की योजना बना रहे थे। इसके अलावा वे स्थानीय कारोबारियों और क्लब संचालकों से रंगदारी वसूलने तथा सट्टा गतिविधियों में भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार आरोपी फरार गैंगस्टर राशिद केबल वाला के सीधे संपर्क में थे और “सिग्नल ऐप” के जरिए निर्देश लेते थे।
बरामद हथियारों में 9 अत्याधुनिक पिस्टल, एक .312 बोर राइफल और कुल 81 जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस अब हथियार सप्लाई नेटवर्क और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि इस कार्रवाई से दिल्ली में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और संभावित गैंगवार तथा रंगदारी की घटनाओं को रोकने में सफलता मिली है।