रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के अन्नदाताओं के हित में एक क्रांतिकारी निर्णय लेते हुए ग्रीष्मकालीन धान (जायद धान) की खेती पर लगी पाबंदी को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा की है। सरकार के इस फैसले से विशेष रूप से ऊधम सिंह नगर जिले के तराई और दलदली भूमि वाले क्षेत्रों के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है।
किसानों की मजबूरी और आजीविका का रखा ध्यान
मुख्यमंत्री धामी ने इस निर्णय के पीछे तर्क दिया कि प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर तराई क्षेत्रों में भूमि की प्रकृति दलदली है। ऐसी जमीनों पर धान के अलावा किसी अन्य फसल का उत्पादन तकनीकी और प्राकृतिक रूप से संभव नहीं है। पिछले कुछ समय से इस खेती पर रोक लगने के कारण किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं और उनकी मांग को प्राथमिकता देते हुए अब ग्रीष्मकालीन धान की खेती पर कोई रोक नहीं रहेगी।
खेतों में लौटेगी रौनक, किसान उत्साहित
सरकार के इस फैसले के बाद रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज और खटीमा जैसे क्षेत्रों के किसानों में भारी उत्साह है। किसानों का मानना है कि दलदली भूमि पर धान की अनुमति मिलने से अब उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेंगे।
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