पीलीभीत। पीलीभीत सहित पूरे जनपद में कल शाम से लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शहर की कई पॉश कॉलोनियों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मौसम विभाग एवं बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज पीलीभीत में 41 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसके साथ ही इस मानसून सत्र की कुल संचयी वर्षा का आंकड़ा 605 मिमी पहुँच गया है।
बारिश के कारण ग्रामीण और प्रशासनिक क्षेत्रों में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। ललौरीखेड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत शिवपुरिया में जल निकासी का नाला बंद होने के कारण मुख्य मार्ग पर भारी पानी भर गया है। इस मार्ग से लगभग एक दर्जन गांवों के लोग आवागमन करते हैं, जिससे ग्रामीणों का संपर्क कटने की नौबत आ गई है। इसके अतिरिक्त, ललौरीखेड़ा विकासखंड मुख्यालय स्थित पशु अस्पताल परिसर और सशस्त्र सीमा बल ललौरीखेड़ा मुख्यालय में भी भारी जलभराव हो गया है, जिससे दैनिक कार्यों में काफी बाधा आ रही है।

बारिश के साथ-साथ जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, शारदा नदी का डाउनस्ट्रीम जलस्तर 219.10 मीटर पहुँच गया है, जो खतरे के निशान (221.70 मीटर) से 2.70 मीटर नीचे है और इसमें 1,09,056 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। इसी प्रकार देवहा नदी का डाउनस्ट्रीम गेज 190.38 मीटर है, जो खतरे के निशान (192.76 मीटर) से 3.03 मीटर नीचे है और इसमें 10,461 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज हुआ है। नानक सागर डाउनस्ट्रीम का जलस्तर 213.70 मीटर (खतरे के निशान से 2.29 मीटर नीचे) और डिस्चार्ज 8,716 क्यूसेक है।

अन्य नदियों की बात करें तो कटना नदी में 3,200 क्यूसेक (गेज 158.65 मीटर) तथा खन्नौत नदी में 1,150 क्यूसेक (गेज 165.20 मीटर) पानी बह रहा है और दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ता हुआ दर्ज किया गया है। वहीं खकरा नदी का जलस्तर 188.20 मीटर पर स्थिर बना हुआ है। हालांकि सभी प्रमुख नदियां अभी खतरे के बिंदु से नीचे बह रही हैं, लेकिन जलस्तर में हो रही निरंतर बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण कक्ष को अलर्ट मोड पर रखा गया है।