पीलीभीत जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और पहाड़ियों से आ रहे पानी के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। शारदा, देवहा और खकरा जैसी प्रमुख नदियां मे गुरुवार को जलस्तर गिरा है। जिससे तटवर्ती इलाकों में पानी अब घटने लगा है। बारिश के इस रौद्र रूप ने पूरे जिले में हाहाकार मचा दिया है और ग्रामीण तथा शहरी, दोनों क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है।
बाढ़ के पानी ने जिले के दर्जनों गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे सैकड़ों एकड़ में फैली फसलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क कट गया है और लोग अपने घरों की छतों या ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। बीसलपुर व पूरनपुर तहसील क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी भर जाने से ग्रामीणों को भारी आर्थिक और मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमों को नावों के साथ तैनात किया गया है, जो फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां भोजन, पीने के पानी और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री के वितरण का प्रबंध किया जा रहा है।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। साथ ही संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और जलभराव की समस्या का यथाशीघ्र निस्तारण हो सके।