पीलीभीत। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, भेदभावपूर्ण पीएलआई (PLI) व्यवस्था समाप्त करने और अपनी लंबित मांगों के समाधान को लेकर बैंक कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के जिला संयोजक तथा एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन (यूपी रीजन) के सहायक महामंत्री शैलेन्द्र गुप्ता ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में 5-डे बैंकिंग (सभी शनिवारों को अवकाश) लागू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसकी अधिसूचना जारी न होने से कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
शैलेन्द्र गुप्ता ने बताया कि यूनियनों की मुख्य मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने के अलावा पेंशन अपडेशन, सभी पेंशनभोगियों के लिए समान डीए फॉर्मूला लागू करना, एनपीएस (NPS) कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प देना और द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से लंबित सेवा संबंधी मुद्दों का समाधान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए अलग पीएलआई व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच असमानता पैदा हो गई है, जिसे समाप्त कर सभी के लिए पारदर्शी व समान पीएलआई फॉर्मूला लागू किया जाना चाहिए।
यूनियन के सहायक महामंत्री शैलेन्द्र गुप्ता ने आंदोलन का विस्तृत कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि 26 अगस्त को प्रबंधन को हड़ताल का नोटिस दिया गया है। 27 अगस्त को मुख्य शाखा व प्रशासनिक कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन किये गए। 28 अगस्त को काली पट्टी या बैज लगाकर विरोध, 30 अगस्त को ‘X’ (ट्विटर) पर अखिल भारतीय डिजिटल अभियान और 1 सितंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रीय प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। इसके बाद 11 सितंबर को एक दिवसीय अखिल भारतीय बैंक हड़ताल, 14 से 24 सितंबर तक राज्यों की राजधानियों व प्रमुख केंद्रों पर धरना-प्रदर्शन, 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी क्रमिक हड़ताल और मांगें पूरी न होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। उन्होंने बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।