पीलीभीत। शाहजहांपुर के स्वर्ण जयंती स्टेडियम में सोमवार को 39वीं मंडलीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। शाहजहांपुर के जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया, लेकिन इस आयोजन में सबसे चर्चा का विषय पीलीभीत की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह और छात्र-छात्राओं के बीच दिखा आत्मीय रिश्ता रहा। जैसे ही पीलीभीत की बीएसए ने स्टेडियम में प्रवेश किया, अनुशासन के घेरे को तोड़ते हुए वात्सल्य का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला।
​बच्चों के बीच पहुंचकर भावुक हुईं बीएसए
जैसे ही पीलीभीत की टीम ने अपनी शिक्षा अधिकारी को सामने देखा, नन्हे खिलाड़ियों के चेहरे खिल उठे। बीएसए रोशनी सिंह भी प्रोटोकॉल छोड़कर तेज कदमों से सीधे पीलीभीत के छात्र-छात्राओं के बीच जा पहुंचीं। बच्चों ने उन्हें घेर लिया और बड़े ही अपनेपन के साथ ‘मैम, एक सेल्फी’ की जिद करने लगे। बालिकाओं का स्नेह देख बीएसए भावुक हो गईं और उन्होंने बच्चों को गले लगाकर खूब दुलार किया। बच्चों और अधिकारी के बीच की यह दूरी पल भर में खत्म हो गई और पूरा पंडाल हंसी-खुशी के माहौल में सराबोर हो गया।
​पंडाल में बैठकर बच्चों संग ग्रहण किया भोजन
संवेदनशीलता की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब बीएसए रोशनी सिंह ने वीआईपी व्यवस्था को छोड़कर शाहजहांपुर पहुंचे पीलीभीत के खिलाड़ियों के साथ ही पंडाल में बैठकर भोजन किया। उन्होंने न केवल खुद बच्चों के साथ खाना खाया, बल्कि अपने हाथों से नन्हे खिलाड़ियों को भोजन भी परोसा। जब वह शाहजहांपुर की बीएसए दिव्या गुप्ता के साथ स्टेडियम से बाहर जाने लगीं, तो बच्चे भावुक होकर उनके पीछे दौड़ने लगे। जाते-जाते रोशनी सिंह ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए वादा किया, “आप लोग खूब मेहनत से खेलो और पढ़ो, मैं जल्द ही आपके स्कूल आऊंगी और फिर आपके साथ बैठकर खाना खाऊंगी।”
​इस उद्घाटन समारोह के अवसर पर पीलीभीत की बीएसए रोशनी सिंह, शाहजहांपुर की बीएसए दिव्या गुप्ता सहित बरेली मंडल के तमाम खेल शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। खेल के मैदान पर अधिकारी का यह मानवीय और संवेदनशील रूप पूरे मंडल में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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