​पीलीभीत। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित केंद्रीय उच्चाधिकार प्राप्त समित के सदस्य सुनील लिमये आगामी 11 मार्च से उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों का महत्वपूर्ण दौरा करेंगे। इस पांच दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य पीलीभीत टाइगर रिजर्व और दुधवा नेशनल पार्क में हो रहे निर्माण कार्यों, अवैध रिसॉर्ट्स की स्थिति और उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए विभिन्न आदेशों के अनुपालन की जमीनी हकीकत जानना है।
​आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, सुनील लिमये 11 मार्च को पुणे से हवाई मार्ग द्वारा लखनऊ पहुँचेंगे, जहाँ से वह सीधे सड़क मार्ग द्वारा पीलीभीत के लिए प्रस्थान करेंगे। रात्रि विश्राम गोला फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में करने के पश्चात, 12 मार्च को वह मुस्तफाबाद और चूका फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में ठहरेंगे। इस दौरान वह माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा वर्ष 2025 में पारित विभिन्न निर्णयों के अनुपालन के संबंध में अधिकारियों के साथ गहन चर्चा करेंगे।
​दौरे के अगले चरण में, 13 और 14 मार्च को केंद्रीय सदस्य किशनपुर अभयारण्य और दुधवा नेशनल पार्क का निरीक्षण करेंगे। विशेष रूप से, वह दुधवा नेशनल पार्क के आसपास अवैध रूप से निर्मित रिसॉर्ट्स और ‘इको सेंसिटिव जोन’ के भीतर नियमों के उल्लंघन की जांच करेंगे। इसके पश्चात, वह कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य का भी दौरा करेंगे, जहाँ अनाधिकृत निर्माण कार्यों से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

​16 मार्च को बहराइच से लखनऊ वापसी के बाद वह पुणे के लिए प्रस्थान करेंगे। इस उच्चस्तरीय दौरे को देखते हुए विशेष कार्य अधिकारी वी.के. पंथारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रोटोकॉल के अनुसार ठहरने, स्थानीय परिवहन और बैठकों की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को सभी प्रासंगिक दस्तावेजों और सूचनाओं के साथ उपस्थित रहने को कहा गया है, ताकि न्यायालय के समक्ष सटीक रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।

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