​पीलीभीत। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला कार्यालय को ढहाए जाने की कार्रवाई को लेकर जनपद में सियासी पारा चढ़ गया है। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने इस पूरी कार्रवाई को असंवैधानिक करार देते हुए इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कार्यालय का प्रकरण पिछले कई महीनों से माननीय न्यायालय में विचाराधीन है, तब सत्ता के दबाव में आकर प्रशासनिक अधिकारियों और नगर पालिका ने नियमों को ताक पर रखकर यह दमनकारी कदम उठाया है। जिलाध्यक्ष के अनुसार, बिना किसी वैधानिक नोटिस के भारी पुलिस बल के साथ बिल्डिंग को गिराना न्यायिक प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
​सपा जिलाध्यक्ष ने विस्तृत बयान जारी कर बताया कि इससे पूर्व भी नगर पालिका द्वारा कार्यालय को गलत तरीके से खाली कराने का प्रयास किया गया था, लेकिन न्यायालय द्वारा कराए गए निरीक्षण में मौके पर पार्टी का सामान और ताले पाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना किसी नोटिस के सामान हटाने और उसे लूटने जैसा कृत्य किया, जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से भी की गई थी। जग्गा ने कहा कि कुछ दिन पूर्व जब नगर पालिका ने कार्यालय तोड़ने की विज्ञप्ति जारी की, तो पार्टी ने तुरंत न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय में जवाब दाखिल होने के बावजूद, न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार किए बिना ही बुलडोजर चला दिया गया।
​समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई को भारतीय जनता पार्टी की ‘बदले की राजनीति’ करार दिया है। जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने कहा कि भाजपा सरकार सपा की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है और जनता की आवाज दबाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा प्रशासनिक अमला भाजपा के दबाव में कार्य कर रहा है और न्यायिक आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। सपा नेताओं का कहना है कि वे सरकार की इन गलत नीतियों और जनविरोधी कदमों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

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