पीलीभीत। जनपद में बाघों और तेंदुओं की बढ़ती संख्या के बीच बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को थामने के लिए ‘वन्यजीव जैव विविधता संरक्षण समिति, उत्तर प्रदेश’ ने प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। समिति के महासचिव डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के फील्ड डायरेक्टर को एक विस्तृत मांग-पत्र भेजकर वन प्रभागों में बुनियादी संसाधनों की कमी को दूर करने और स्टाफ की तैनाती करने की पुरजोर वकालत की है।
फील्ड डायरेक्टर को भेजे पत्र में डॉ. अग्निहोत्री ने अवगत कराया कि पीलीभीत जिला भौगोलिक रूप से 5 वन क्षेत्रों वाले ‘पीलीभीत टाइगर रिजर्व’ और 3 रेंजों वाले ‘वन एवं वन्यजीव प्रभाग’ में विभाजित है। संरक्षण प्रयासों के चलते यहाँ वन्यजीवों की संख्या में तो उत्साहजनक वृद्धि हुई है, लेकिन संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण आए दिन इंसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव की गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में दीयउरा गाँव में तेंदुए और ग्रामीणों के बीच हुआ हिंसक संघर्ष इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। आपातकालीन परिस्थितियों पर समय रहते काबू पाने के लिए समिति ने फील्ड डायरेक्टर के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं।
समिति की मुख्य मांगों में पीटीआर और वन एवं वन्यजीव प्रभाग में अग्रिम पंक्ति के कर्मियों (फील्ड स्टाफ) के रिक्त पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत भरना शामिल है, ताकि जंगलों की प्रभावी गश्त और निगरानी सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, रिस्पॉन्स टाइम को कम करने और त्वरित कार्रवाई के लिए जिले को 8 नए सुसज्जित रेस्क्यू वाहन आवंटित करने की मांग की गई है, जिससे प्रत्येक रेंज को कम से कम एक समर्पित वाहन मिल सके।
इसके अतिरिक्त, पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि ‘वन एवं वन्यजीव प्रभाग’ के अंतर्गत आने वाले संवेदनशील ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए पिंजरे, आवश्यक उपकरण और ट्रेंकुलाइजर गन तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। डॉ. अग्निहोत्री ने फील्ड में जान जोखिम में डालकर काम करने वाले स्थानीय टाइगर ट्रैकर्स के पिछले 1 वर्ष से रुके हुए मानदेय का भी तत्काल भुगतान करने की मांग उठाई है ताकि उनका मनोबल बना रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि फील्ड डायरेक्टर इन बुनियादी समस्याओं की गंभीरता को समझते हुए इनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे, जिससे पीलीभीत को मानव-वन्यजीव संघर्ष से मुक्त करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।