​पीलीभीत। यूपी के पीलीभीत टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान घायल या भटके हुए बाघों और तेंदुओं की सुरक्षा व इलाज के लिए गोपालपुर में 14.5 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक टाइगर रेस्क्यू सेंटर बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। वर्ष 2022 से निर्माणाधीन यह सेंटर 32 हजार स्क्वायर फीट के विशाल क्षेत्र में फैला है। अब रेस्क्यू किए गए जानवरों को इलाज के लिए दूसरे जिलों या चिड़ियाघरों में भेजने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि विशेषज्ञों की निगरानी में यहीं उनका इलाज हो सकेगा और पूर्ण स्वस्थ होने पर उन्हें पुनः जंगलों में छोड़ा जा सकेगा।


​इस रेस्क्यू सेंटर में वन्यजीवों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। रेस्क्यू कर लाए गए बाघ या तेंदुए को सबसे पहले क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा ताकि संक्रमण का खतरा न रहे। इसके बाद पशु चिकित्सकों की एक्सपर्ट टीम वेंटिलेटर और आधुनिक उपकरणों के जरिए घायल जानवरों का इलाज व ऑपरेशन करेगी। स्वस्थ होने की प्रक्रिया के दौरान जानवरों को चिड़ियाघर जैसे माहौल वाले तीन बड़े जालदार बाड़ों में रखा जाएगा ताकि उनके प्राकृतिक व्यवहार में सुधार आ सके।


​प्रकरण पर जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर/डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि प्रदेश में बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए चार प्रमुख स्थानों पर रेस्क्यू सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिनमें से एक पीलीभीत के गोपालपुर में बनकर तैयार है। साढ़े 14 करोड़ रुपये की लागत से बने इस सेंटर को जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा, जहां एक समय में 9 बाघों और 3 तेंदुओं को रखने की आधुनिक व्यवस्था उपलब्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi