फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के हथगांव थाना क्षेत्र से अंधविश्वास और जागरूकता की कमी के कारण एक बेहद दर्दनाक और आंखें खोल देने वाली घटना सामने आई है। यहां मनमोहनपुर गांव में आकाशीय बदलावों और उमस के बीच एक नवविवाहिता को सांप ने डस लिया। समय पर उचित डॉक्टरी इलाज मिलने के बजाय परिजन काफी देर तक तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक के चक्कर में फंसे रहे, जिसके कारण जहर पूरे शरीर में फैल गया और महिला की दर्दनाक मौत हो गई।

कमरे में काम करते समय सांप ने डसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना हथगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मनमोहनपुर गांव की है। यहां रहने वाली नवविवाहिता कोमल (बदला हुआ नाम) को रविवार सुबह घर के भीतर अचानक एक जहरीले सांप ने डस लिया। सांप के काटते ही कोमल की चीख निकल गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिजनों को जैसे ही सर्पदंश की बात पता चली, वे बुरी तरह घबरा गए।

अस्पताल के बजाय तांत्रिक के पास ले गए परिजन
जागरूकता के अभाव और अंधविश्वास के चलते परिजन कोमल को तुरंत किसी नजदीकी अस्पताल या जिला अस्पताल ले जाने के बजाय गांव और स्थानीय स्तर पर झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिकों के पास ले गए। काफी समय तक ओझा और सयाने महिला के शरीर से जहर उतारने के नाम पर तंत्र-मंत्र का ढोंग करते रहे। इस बीच कीमती समय बर्बाद होता गया और जहर कोमल के पूरे शरीर और फेफड़ों तक पहुंच गया।

हालत बिगड़ने पर पहुंचे सीएचसी, डॉक्टरों ने कहा- बहुत देर हो चुकी
जब कोमल के मुंह से झाग निकलने लगा और उसकी नब्ज डूबने लगी, तब जाकर परिजनों का अंधविश्वास टूटा। वे बदहवास हालत में उसे लेकर तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचे। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सीएचसी के डॉक्टरों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद कोमल को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, यदि महिला को सांप काटने के तुरंत बाद ‘एंटी-स्नेक वेनम’ (Anti-Snake Venom Injection) दे दिया जाता, तो उसकी जान आसानी से बचाई जा सकती थी।


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