नोएडा। औद्योगिक नगरी नोएडा में सोमवार को वेतन वृद्धि और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहा मजदूरों का आंदोलन अचानक उग्र हो गया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने देखते ही देखते हिंसा और आगजनी का रूप ले लिया, जिससे सेक्टर 59, 60 और सेक्टर 1 व 84 जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों में भारी तनाव व्याप्त हो गया है।

तोड़फोड़ और आगजनी से मची अफरा-तफरी
प्रदर्शनकारी मजदूरों ने सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी की और कई स्थानों पर हिंसक तोड़फोड़ की। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और खड़ी मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया। हालात बिगड़ते देख कई फैक्ट्री मालिकों ने आनन-फानन में काम बंद कर गेट पर ताले लटका दिए। इस हिंसा के कारण औद्योगिक गतिविधियों को भारी नुकसान पहुँचा है।

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर लगा भीषण जाम
मुख्य सड़कों पर मजदूरों के कब्जे के कारण दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले मुख्य रास्तों पर किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। दफ्तर जाने वाले लोगों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को घंटों फंसे रहना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया, जिसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात कर दी गई है।

प्रशासन की अपील और जांच शुरू
नोएडा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों से वार्ता की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने उपद्रव करने वाले तत्वों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, वहीं मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, संघर्ष जारी रहेगा।


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