सितारगंज। क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के बढ़ते कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को आबकारी निरीक्षक बृजेश जोशी के नेतृत्व में विभाग की टीम ने कई गांवों में सघन छापेमारी अभियान चलाकर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। विभाग की इस अचानक कार्रवाई से शराब माफियाओं में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
संदिग्ध घरों में की गई छापेमारी
आबकारी टीम ने गांव लौका, गोठा और पंडरी में दबिश दी। अभियान के दौरान दो घरों से अवैध कच्ची शराब बरामद हुई, जबकि टीम के पहुंचने से पहले ही कई संदिग्ध कारोबारी घरों में ताले लगाकर फरार हो गए। विभाग ने फरार आरोपियों और अवैध शराब के भंडारण को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की है।
ग्रामीण की मौत के बाद बढ़ा आक्रोश
इस कार्रवाई के पीछे हाल ही में गोठा के जंगल में हुई एक दुखद घटना भी एक प्रमुख कारण है। दो दिन पहले एक ग्रामीण का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था, जिसके बाद ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने गांव में बढ़ते नशे और कच्ची शराब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। महिलाओं का आरोप था कि नशे की इस लत के कारण कई हंसते-खेलते परिवार बर्बाद हो रहे हैं।
अभियान में विहिप और बजरंग दल का सहयोग
कार्रवाई के दौरान सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिला। अभियान में विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष अजय भगत के साथ बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन से नशे के इस अवैध जाल को पूरी तरह खत्म करने की मांग की।
अधिकारियों का रुख
आबकारी निरीक्षक ब्रजेश जोशी ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह जंग जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी पुलिस ने 67 पाउच अवैध शराब पकड़ी थी और अब अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।