​पीलीभीत। नेपाल के जिला थापा (काठमांडू) की रहने वाली जांबाज महिला साइकिल यात्री यमुना ढाकल अपनी साहसिक साइकिल यात्रा के 107वें दिन पीलीभीत पहुँचीं। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने लुंबनी से शुरुआत कर अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, दिल्ली, पंजाब, अमृतसर, वाघा बॉर्डर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, हरिद्वार, नजीबाबाद, धामपुर, मुरादाबाद और बरेली जैसे देश के तमाम प्रमुख और धार्मिक स्थलों से होते हुए लगभग 5,000 किलोमीटर की दूरी तय की है। पीलीभीत पहुँचने पर उनका वन विभाग की टीम द्वारा स्वागत किया गया।
​यहाँ पहुँचकर उन्होंने वन एवं वन्यजीव प्रभाग की पीलीभीत रेंज के डिप्टी रेंजर शेर सिंह के साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) मुख्यालय के बाहर और पीलीभीत-बनकटी मार्ग पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण किया। डिप्टी रेंजर शेर सिंह ने उनके इस साहसिक कदम और पर्यावरण के प्रति उनकी जागरूकता की सराहना की।
​35 वर्षीय यमुना ढाकल ने अपनी इस यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि अकेले साइकिल से इतनी लंबी दूरी तय करना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उनका आत्मविश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। यात्रा के दौरान वे निरंतर साइकिल कम्युनिटी के लोगों के साथ फोन पर संपर्क में रहीं और रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी उनकी जमकर मदद की। वीडियो और फोटोग्राफी का शौक रखने वाली यमुना ने महिला सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ऐसी यात्राओं पर निकलने से पहले लड़कियों को मानसिक रूप से मजबूत होना चाहिए और शारीरिक रूप से इतना सक्षम होना चाहिए कि वे अपनी रक्षा स्वयं कर सकें।


​पहली बार अकेले इतनी लंबी और सफल यात्रा पूरी करने के बाद अब यमुना ढाकल का अगला लक्ष्य साइकिल से ही ‘वर्ल्ड टूर’ (विश्व भ्रमण) पर निकलने का है। पीलीभीत में पर्यावरण चेतना की अलख जगाने के बाद अब वे महेंद्रनगर के रास्ते वापस अपने वतन नेपाल (काठमांडू) के लिए प्रस्थान करेंगी।

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