सितारगंज। वन एवं राजस्व विभाग की जमीनों का सीमांकन किए जाने को लेकर लापरवाही बरतनें का मामला सामने आया है। गांव साधूनगर, उकरौली, कल्याणपुर समेत आसपास के ग्रामीणों ने मामले में सीएम धामी को ज्ञापन भेजकर संयुक्त सीमांकन कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि 24 मई 2025 को तराई पूर्व वन प्रभाग हल्द्वानी ने राजस्व विभाग के साथ संयुक्त सीमांकन के लिए कार्यक्रम निर्धारित किया था। लेकिन राजस्व उपनिरीक्षक उपस्थित नहीं हुए। जिस कारण सीमांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
आरोप लगाया कि सीमांकन न होने का फायदा उठाकर वन विभाग के कुछ कर्मचारियों स्थानीय लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं। वह उन पर अतिक्रमण करने का आरोप लगा कर मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे है। इससे गांव में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि 20 जनवरी 2026 को एसडीएम रविंद्र जुवांठा को भी ज्ञापन दिया था। इसके बाद 10 फरवरी 2026 को तहसीलदार, कानूनगों और पटवारी ने गांव का निरीक्षण किया था। लेकिन वन विभाग के अधिकारी उपस्थित नहीं हुए। इसके चलते समस्या का समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर भी की। लेकिन, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सीएम धामी से वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर सीमांकन कराने की मांग की है ताकि, विवाद को समाप्त किया जा सकें। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इधर, मामले को लेकर पूर्व विधायक नारायण पाल ने डीएम नितिन सिंह भदौरिया से मुलाकात की। वहां चरणजीत कौर, मुन्नालाल, राजकुमार, रेखा देवी, उषा देवी, तुलसी प्रसाद, मुन्ना, सत्यनारायण, विनोद, अजीत, ममता, देवेंद्र प्रसाद, रामचंद्र, प्रेम प्रसाद, नरेंद्र सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहें।

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