​पीलीभीत। आगामी वर्षा काल में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक ली। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और सभी संबंधित विभाग अपनी कार्ययोजना को समय रहते धरातल पर उतारें। उन्होंने अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड और शारदा सागर खंड को निर्देशित किया कि बचाव हेतु निर्माणाधीन समस्त परियोजनाओं को हर हाल में मई माह के अंत तक पूर्ण कर लिया जाए, ताकि मानसून आने पर कोई जोखिम न रहे। संबंधित उपजिलाधिकारियों को मौके पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
​बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों की स्थापना और वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारियों से उन गांवों की सूची मांगी है जहां नदियों द्वारा कटान की संभावना बनी रहती है। विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर ढीले तारों और टूटे पोलों को दुरुस्त किया जाए, ताकि आपदा के समय कोई अप्रिय घटना न हो। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य, पूर्ति और पशु चिकित्सा विभाग को भोजन, दवाइयों और चारे का अग्रिम प्रबंध करने को कहा गया है।
​नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों को मानसून पूर्व सभी नाले-नालियों की सघन सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट और सभी खंड विकास अधिकारियों सहित आपदा विशेषज्ञ उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों को सचेत किया कि बाढ़ प्रबंधन में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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