रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर): उत्तराखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने होमबायर्स के हितों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। रेरा ने रुद्रपुर की बहुचर्चित परियोजना ‘एनआरआई लेक सिटी’ के प्रमोटर सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड पर आदेशों की अवहेलना और धोखाधड़ी के मामले में भारी जुर्माना लगाया है।

प्रतिदिन 25,000 रुपये का दंड

रेरा सदस्य नरेश चन्द्र मठपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रियल एस्टेट एक्ट, 2016 की धारा 63 के तहत प्रमोटर पर 25,000 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया गया है। यदि बिल्डर अगले 30 दिनों के भीतर पीड़ित खरीदार को फ्लैट का कब्जा नहीं सौंपता या जुर्माना राशि जमा नहीं करता, तो यह दंड राशि बढ़कर 50 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला रुद्रपुर स्थित एनआरआई लेक सिटी के फ्लैट नंबर 114 से जुड़ा है। खरीदार शब्बीर अहमद को लंबे समय से उनके फ्लैट का कब्जा नहीं दिया जा रहा था। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि बिल्डर ने विवादित फ्लैट को किसी तीसरे पक्ष (Third Party) को बेच दिया था। रेरा ने इसे ‘आपराधिक प्रकृति’ का कृत्य करार दिया है।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

रेरा ने इस मामले में ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन की शिथिलता पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। 25 नवंबर 2024 को कब्जा दिलाने के आदेश के बावजूद कार्रवाई न होने पर रेरा ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ राज्य सरकार को कार्रवाई की सिफारिश भेजी जाएगी।

मुख्य निर्देश:

कब्जा सुनिश्चित करना: जिला प्रशासन को पुलिस की मदद से शिकायतकर्ता को फ्लैट का कब्जा दिलाने का आदेश।

बकाया भुगतान: बिल्डर को फ्लैट की मूल राशि पर ब्याज सहित कुल 9.70 लाख रुपये पीड़ित को देने होंगे।

समय सीमा: जुर्माने की कुल राशि 45 दिनों के भीतर रेरा के खाते में जमा करना अनिवार्य होगा।

विशेषज्ञों की राय:

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि रेरा के इस कड़े फैसले से उन बिल्डरों में खौफ पैदा होगा जो ग्राहकों की गाढ़ी कमाई फंसाकर नियमों का उल्लंघन करते हैं। यह फैसला उत्तराखंड में घर खरीदने वालों के भरोसे को मजबूत करेगा।

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