गजरौला (पीलीभीत)। थाना गजरौला क्षेत्र के गांव नकटिया में बीती रात करीब 3:30 बजे वारंटियों को पकड़ने गई पुलिस टीम और ग्रामीणों के बीच जमकर संघर्ष हो गया। परिजनों ने पुलिस पर बर्बरता और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे हैं, वहीं गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
आधी रात को मची अफरा-तफरी, वीडियो वायरल
मिली जानकारी के अनुसार, गजरौला पुलिस की टीम इंद्रपाल, अंतराम, मल्लू, खेमकरण, प्रेमपाल, ओमवती और गायत्री देवी नामक वारंटियों को गिरफ्तार करने गांव पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मी बिना किसी महिला कांस्टेबल और बिना वारंट दिखाए रात के अंधेरे में घरों में घुस गए। परिजनों ने जब विरोध किया तो आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं समेत परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस एक युवक को जबरन उठा ले जाने का प्रयास कर रही थी, जिसका विरोध करने पर हालात बेकाबू हो गए।
पुलिस का पक्ष: हाथापाई और सरकारी कार्य में बाधा
वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। थाना प्रभारी गजरौला ब्रजवीर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम कोर्ट के आदेश (वारंट) के अनुपालन में दबिश देने गई थी। पुलिस का आरोप है कि वारंटियों को बचाने के प्रयास में कुछ लोगों ने पुलिस टीम के साथ हाथापाई की और सरकारी कार्य में बाधा डाली। पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।
गांव में तनाव, जांच की मांग
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक और खींचतान साफ देखी जा सकती है। इस घटना के बाद से गांव में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीण अब इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल सतर्क है।