पीलीभीत। देश के खेत एवं ग्रामीण मजदूर संगठनों के राष्ट्रीय आह्वान पर गुरुवार को अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर संगठन (खेग्रामस) के कार्यकर्ताओं ने पूरनपुर ब्लॉक मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। साथ ही, क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए खंड विकास अधिकारी (बी.डी.ओ.) को भी एक अन्य ज्ञापन दिया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे खेग्रामस के जिला संयोजक सईद खां ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा कानून का केवल नाम नहीं बदला गया है, बल्कि नए प्रावधानों के जरिए मजदूरों के अधिकारों में भारी कटौती की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए कानून में काम की कानूनी गारंटी को समाप्त कर दिया गया है। सरकार द्वारा 125 दिन काम देने का दावा केवल एक प्रचार मात्र है। जब पिछले कानून में 100 दिन की गारंटी के बावजूद मजदूरों को 50 दिन भी काम नहीं मिल पा रहा था, तो बिना गारंटी वाले नए कानून से मजदूरों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि नए कानून को वापस लेकर पुराने मनरेगा कानून को तत्काल बहाल किया जाए।
इसके अतिरिक्त, संगठन ने स्थानीय समस्याओं को उठाते हुए पूरनपुर की बदहाल ब्लॉक रोड के निर्माण और सड़क के दोनों ओर नाला निर्माण की मांग प्रमुखता से की। सईद खां ने कहा कि जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर जलभराव रहता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि जल्द ही सड़क और नाले का निर्माण नहीं कराया गया, तो संगठन उग्र जन-आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से ब्लॉक संयोजक देवीदयाल, ऐपवा नेता मारिया, अफसर हाजी, अहिबरन तथा शाहिल सहित भारी संख्या में मजदूर व कार्यकर्ता शामिल रहे।