बिजनौर/बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत आज बिजनौर में बड़ी कार्रवाई हुई है। विजिलेंस की बरेली यूनिट ने बिजनौर के जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) रिजवान अहमद को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी बिजनौर विकास भवन स्थित उनके कार्यालय से की गई है।
पंचायत सचिव से मांगी थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, डीपीआरओ रिजवान अहमद ने एक पंचायत सचिव से उसके विभागीय कार्यों के निस्तारण और किसी मामले में राहत देने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर पंचायत सचिव ने इसकी शिकायत विजिलेंस टीम से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद बरेली विजिलेंस यूनिट ने जाल बिछाया।

विकास भवन में मची अफरा-तफरी
जैसे ही पंचायत सचिव ने डीपीआरओ को रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से मुस्तैद विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। विकास भवन जैसे व्यस्त प्रशासनिक केंद्र में इस छापेमारी और गिरफ्तारी से हड़कंप मच गया। टीम आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर बरेली रवाना हो गई है, जहाँ उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
एक क्लास-1 अधिकारी की इस तरह गिरफ्तारी ने जिले के प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है। विजिलेंस टीम अब अधिकारी के अन्य संपत्तियों और पुराने मामलों की भी जांच कर सकती है।
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