चित्रकूट/हमीरपुर वन निगम में तैनात एक वन रक्षक की मृत्यु का दुखद मामला सामने आया है। इस घटना के तार विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बनाए जा रहे दबाव से जुड़ रहे हैं। मृतक वन रक्षक, जो मूल रूप से इटरौर भीषमपुर के निवासी थे और धनौरी राठ में तैनात थे, उनके पास से एक पत्र बरामद होने की सूचना है जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

विभागीय भ्रष्टाचार और संपत्तियों के घोटाले का आरोप
बरामद पत्र में राजकीय संपत्तियों को बेचकर किए गए घोटालों का जिक्र किया गया है। आरोपों के अनुसार, विभाग के कुछ उच्चाधिकारियों द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के लिए अनैतिक दबाव बनाया जा रहा था। पत्र में हमीरपुर पुलिस प्रशासन को संबोधित करते हुए विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। बरामद पत्र को साक्ष्य के रूप में लेकर उन अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है जिन पर भ्रष्टाचार और प्रताड़ना के आरोप लगे हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

क्षेत्र में तनाव और शोक का माहौल
वन रक्षक की मौत की खबर से इटरौर भीषमपुर और धनौरी राठ क्षेत्र में शोक की लहर है। परिजनों ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय प्रशासन और वन निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।


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