-जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव शर्मा ने जारी की गाइडलाइन
पीलीभीत। भीषण गर्मी और लू (हीट वेव) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव शर्मा के निर्देशन में बुधवार को जनपद के विभिन्न ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों में विशेष जागरूकता एवं परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। इसके तहत राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय भिखारीपुर, लालपुर और मुड़िया नूरनपुर में चिकित्सालय पहुंचे दर्जनों रोगियों को हीट वेव तथा लू की चपेट में आने से बचने के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सलाह व सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव शर्मा ने आम जनमानस के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि इन दिनों मौसम का पारा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने चिकित्सालयों के प्रभारियों के माध्यम से रोगियों को सलाह दी कि बहुत जरूरी न हो, तो दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से पूरी तरह परहेज करें। यदि किसी अनिवार्य कार्य से बाहर जाना भी पड़े, तो सिर को ढककर रखें और छाते का इस्तेमाल जरूर करें। इसके अलावा शरीर को पूरी तरह ढकने वाले हल्के रंग के सूती कपड़ों का चयन करें, जिससे शरीर को हवा मिलती रहे और अत्यधिक पसीना आने पर भी त्वचा सुरक्षित रहे।
डॉ. शर्मा ने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस मौसम में भोजन हमेशा हल्का और सुपाच्य ही लेना चाहिए। शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसके लिए दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर बाद पानी, नींबू पानी, ओआरएस (ORS) का घोल, छाछ या ताजे फलों का जूस पीते रहें। उन्होंने आगाह किया कि यदि किसी भी व्यक्ति को अत्यधिक चक्कर आने, तेज सिरदर्द होने, उल्टी या मितली आने (जी मिचलाने) जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे सामान्य कमजोरी मानकर नजरअंदाज बिल्कुल न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देते ही तुरंत नजदीकी सरकारी होम्योपैथिक चिकित्सालय में जाकर योग्य चिकित्सक को दिखाएं और उचित उपचार लें।
इस विशेष परामर्श अभियान के दौरान राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों में उपचार के लिए मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। बुधवार को आयोजित इन शिविरों में कुल 251 रोगियों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवाएं और परामर्श दिया गया। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय भिखारीपुर में सर्वाधिक 89 रोगी, लालपुर चिकित्सालय में 112 रोगी तथा मुड़िया नूरनपुर चिकित्सालय में 50 रोगियों ने पहुंचकर स्वास्थ्य लाभ लिया और लू से बचाव के तौर-तरीकों को समझा। चिकित्सकों ने मरीजों को गर्मी से संबंधित बीमारियों के लिए कारगर होम्योपैथिक दवाइयों के बारे में भी जागरूक किया।