पीलीभीत। जिले में बुधवार को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच जिले में लगभग 5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे फसलों और सामान्य जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल तेज हवाओं और बारिश के कारण जमीन पर बिछ गई है, जिससे पैदावार घटने, दाना काला पड़ने और भूसे की गुणवत्ता खराब होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। इसके साथ ही आंधी और बारिश के कारण आम के पेड़ों से बौर और छोटे फल भारी मात्रा में झड़ गए हैं, जिससे बागवानों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

इस बेमौसम बदलाव ने सरकारी खरीद और मंडियों की व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। भारी बारिश के चलते स्थानीय कृषि उत्पादन मंडी में आज गेहूं की आवक में ब्रेक लग गया है। नमी के कारण सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद में देरी हो रही है, जिससे चिंतित किसान अपनी फसल को सुरक्षित करने के लिए जल्दबाजी में कटाई करने को मजबूर हैं। प्राकृतिक आपदा का असर बुनियादी ढांचे पर भी देखा गया। तेज आंधी के चलते घुंघचाई और बीसलपुर सहित कई क्षेत्रों में पेड़ों की टहनियां गिरने से मार्ग बाधित हुए और बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

शहर में कई स्थानों पर जल भराव की स्थिति पैदा हो गई भाजपा के नंबर निर्वाचित जिला अध्यक्ष गोकुल प्रसाद के आवास के सामने गली में नहर जैसी स्थिति देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने की संभावना है, जिससे अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
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