विधि संवाददाता,पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार हिमांशु की अदालत ने प्रेम विवाह के महज एक वर्ष बाद दहेज की मांग पूरी न होने पर महिला की हत्या करने के संगीन मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मृतका के पति, सास और जेठ को दोषी ठहराते हुए तीनों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। इसके साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन कथानक के अनुसार, थाना पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम महादिया निवासी वादी मथुरा प्रसाद ने 24 अप्रैल 2024 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी पुत्री माधुरी देवी का विवाह एक वर्ष पूर्व लाइन पार साहूकारा (पूरनपुर) निवासी अमन वर्मा उर्फ सोवरन के साथ प्रेम विवाह के रूप में हुआ था। आरोप था कि शादी के बाद से ही पति अमन वर्मा, सास सुनीता देवी और जेठ कौशल वर्मा दहेज में एक मोटरसाइकिल और एक लाख रुपये नकद की मांग को लेकर पीड़िता के साथ मारपीट कर उसे प्रताड़ित करने लगे थे। वादी के समझाने के बावजूद आरोपी बाज नहीं आए और 23 अप्रैल 2024 की रात मांग पूरी न होने पर तीनों ने मिलकर माधुरी देवी की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया।
पुलिस ने मामले की जांच कर पति सोवरन उर्फ अमन वर्मा, सास सुनीता देवी और जेठ कौशल वर्मा के खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विमल कुमार वर्मा ने वादी सहित कई महत्वपूर्ण गवाहों और साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने तथा पत्रावली का गहनता से अवलोकन करने के बाद तीनों अभियुक्तों को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।