रुद्रपुर। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स कुमाऊं यूनिट ने कोतवाली टनकपुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 244.06 ग्राम MDMA बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है। एसटीएफ के अनुसार, वर्ष 2026 में उत्तराखंड में अब तक की यह सबसे बड़ी MDMA बरामदगी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक टीवीएस मोटरसाइकिल भी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान, आशीष और अभिषेक, तीनों निवासी रुद्रपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश और मुख्यमंत्री के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स कुमाऊं यूनिट ने तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
सूचना की पुष्टि होने के बाद एसटीएफ कुमाऊं यूनिट ने कोतवाली टनकपुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 244.06 ग्राम MDMA बरामद हुई।
सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही एसटीएफ
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि MDMA की आपूर्ति कहां से की गई थी और इसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपियों के आगे और पीछे के संपर्कों की भी गहनता से जांच की जा रही है।
एसटीएफ का कहना है कि जांच का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है, ताकि ड्रग्स की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
संयुक्त कार्रवाई में एसटीएफ की ओर से निरीक्षक पावन स्वरूप, उपनिरीक्षक विपिन जोशी, उपनिरीक्षक विनोद जोशी, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी, हेड कांस्टेबल किशोर कुमार, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र चौहान और आरक्षी इसरार अहमद शामिल रहे। वहीं टनकपुर पुलिस टीम में निरीक्षक चेतन रावत, उपनिरीक्षक जितेंद्र बिष्ट और हेड कांस्टेबल कमल कुमार शामिल रहे।