पीलीभीत (आधुनिक दुनिया ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से सरकारी सेवा नियमावली के उल्लंघन का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिले के विकास खंड मरौरी की प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी (मुख्य सेविका) श्रीमती अनीता चौधरी को सरकारी कर्मचारी होते हुए राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रोशनी यादव ने यह कार्रवाई करते हुए उनसे आगामी 21 अगस्त तक स्पष्टीकरण मांगा है।
परिजनों के साथ दिल्ली में दिया था धरना
जानकारी के अनुसार, विश्व हिंदू महासंघ पीलीभीत के जिलाध्यक्ष/प्रतिनिधि नितिन राठौर, आकाश मौर्य और जगदीश राठौर ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि श्रीमती अनीता चौधरी ने बीते 20, 21 और 22 जुलाई को विभागीय अवकाश लिया था। छुट्टी के दौरान वह अपने परिजनों के साथ दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पहुंचीं और वहां केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इंस्टाग्राम पर अपलोड किया वीडियो
मामला तब और गंभीर हो गया जब प्रभारी सीडीपीओ ने इस राजनीतिक प्रदर्शन का वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी आधिकारिक इंस्टाग्राम आईडी (CDPO-ANITA) पर सार्वजनिक रूप से प्रसारित कर दिया। सरकारी सेवक होते हुए किसी राजनीतिक दल या सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने और उसका सोशल मीडिया पर प्रचार करने को सेवा शर्तों का खुला उल्लंघन माना गया है।
21 अगस्त को पेश होने के निर्देश
शिकायत और शुरुआती साक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रोशनी यादव ने नोटिस जारी किया है। नोटिस के तहत श्रीमती अनीता चौधरी को निर्देश दिया गया है कि वे 21 अगस्त को दोपहर 01:00 बजे खुद उपस्थित होकर इस मामले में अपना पक्ष और लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। समय पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।