पीलीभीत। जनपद के पूरनपुर तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम घुंघचाई के लिए यह गौरव का क्षण है। क्षेत्र के मूल निवासी रितेश शुक्ला वर्तमान में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया इंटरनेशनल के सीईओ और ग्लोबल हेड के रूप में विश्व स्तर पर भारत की डिजिटल शक्ति का नेतृत्व कर रहे हैं। हाल ही में मुंबई में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान रितेश शुक्ला ने कनाडा के माननीय प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भेंट की। इस दौरान उन्होंने भारत के ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ और ‘यूपीआई’ की वैश्विक स्वीकार्यता, वित्तीय समावेशन और भुगतान प्रणालियों के लोकतंत्रीकरण पर विस्तार से चर्चा की।
भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यूपीआई की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता के बीच नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व ने मुंबई में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से शिष्टाचार भेंट की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान एनपीसीआई समूह के पदाधिकारियों ने भारत में डिजिटल परिवर्तन, वित्तीय समावेशन और भुगतान के लोकतंत्रीकरण की दिशा में किए गए क्रांतिकारी कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।
विचार-विमर्श के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि किस प्रकार यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों ने भारत में वित्तीय लेनदेन के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड द्वारा सीमा पार डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों ने वैश्विक स्तर पर गहरी रुचि पैदा की है। यह बातचीत अंतर-संचालित और सीमा पार डिजिटल भुगतान प्रणालियों के प्रति बढ़ते अंतरराष्ट्रीय रुझान को भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है।
इस महत्वपूर्ण संवाद में एनपीसीआई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ दिलीप अस्बे और एनपीसीआई इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी रितेश शुक्ल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट हुआ है कि भारत का डिजिटल भुगतान मॉडल अब केवल घरेलू सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के विकसित देशों के लिए भी एक आदर्श बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार की साझेदारियां भविष्य में वैश्विक डिजिटल भुगतान तंत्र को और अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं।
रितेश शुक्ला की इस अभूतपूर्व सफलता का समाचार जैसे ही उनके पैतृक गांव घुंघचाई पहुंचा, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। स्वर्गीय रौशन लाल शुक्ल के अनुज और पूरनपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवसागर शुक्ल के पौत्र तथा नीशिथ शुक्ला के पुत्र रितेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1 से 5 तक) अपने पैतृक गांव घुंघचाई की माटी में ही प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा बिरला मंदिर, रानीखेत से पूर्ण की। उच्च शिक्षा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीकॉम किया और फिर दिल्ली के प्रतिष्ठित फोर्ड स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए की डिग्री हासिल की।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और फिनटेक जगत के शिखर तक पहुँचने वाली रितेश शुक्ला की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है। उनके परिवार और शुभचिंतकों का मानना है कि रितेश ने न केवल अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है, बल्कि आज वे दुनिया के विकसित देशों के साथ भारत की डिजिटल तकनीक को साझा करने में मुख्य सूत्रधार की भूमिका निभा रहे हैं। पैतृक आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और ग्रामीण इसे जनपद पीलीभीत के लिए एक ऐतिहासिक गौरव मान रहे हैं।
रितेश के परिवार के पीयूष शुक्ला एडवोकेट प्रशांत शुक्ला सिद्धार्थ शुक्ला व धीरज शुक्ला ने इस परिवार के लिए गर्व की बात बताते हुए बधाइयां दी हैं ।
