पीलीभीत। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के पदाधिकारियों ने जनपद की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर तहसील सदर में जोरदार प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को संबोधित एक मांग पत्र सौंपा। जिलाध्यक्ष और तहसील अध्यक्ष नंद किशोर राठौर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
खतौनी में गड़बड़ी और जल संकट का मुद्दा
यूनियन ने प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि तहसील प्रशासन द्वारा फीडिंग में लापरवाही के कारण अधिकांश ग्राम पंचायतों की खतौनी में अंश (हिस्सा) गलत दर्ज कर दिए गए हैं। इसके चलते किसान तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। पदाधिकारियों ने इन त्रुटियों को तत्काल ठीक करने की मांग की। इसके साथ ही, तहसील प्रांगण में पीने के पानी की भारी किल्लत पर नाराजगी जताते हुए जनहित में वहां पेयजल व्यवस्था सुचारू करने का आग्रह किया।

आवारा पशुओं और खाद की समस्या
ज्ञापन में क्षेत्र में आवारा पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान और सड़क हादसों का भी जिक्र किया गया। किसानों ने मांग की कि इन पशुओं को पकड़वाकर गौशाला भिजवाया जाए। साथ ही, उर्वरक वितरण की जटिल प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। कार्यकर्ताओं ने खाद वितरण प्रणाली के सरलीकरण की मांग की ताकि फसलों की पैदावार प्रभावित न हो।
गैस की कालाबाजारी और भ्रष्टाचार पर प्रहार
यूनियन ने रसोई गैस की कालाबाजारी का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि एजेंसियां जनता को परेशान कर रही हैं, जबकि सरकार पर्याप्त आपूर्ति का दावा करती है। इसके अलावा, पैमाइश के नाम पर अवैध वसूली और संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ भेदभावपूर्ण रवैये पर भी कड़ा एतराज जताया गया। ज्ञापन सौंपने वालों में भजन लाल क्रोधी, ओमप्रकाश, सुखलाल, रामपाल और विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के सदस्य मौजूद रहे।