पीलीभीत। ​राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत पीलीभीत में टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है। अपर निदेशक एवं राज्य क्षय रोग अधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में सोमवार, 20 अप्रैल से जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत कर दी गई है। यह छह दिवसीय शिविर 25 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा, जिसमें प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक संदिग्ध कैदियों की पहचान कर उनकी सघन जांच की जाएगी।
​इस अभियान के माध्यम से जेल परिसर के भीतर संक्रमण की कड़ी को तोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैनात पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम, जिसमें शेर सिंह चौहान, राजेश कुमार गंगवार, रामनरेश, मुकेश कुमार और आरती शामिल हैं, एक्स-रे और बलगम जांच के माध्यम से कैदियों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर रही है। स्क्रीनिंग के दौरान मिलने वाले सभी संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट तत्काल ‘निक्षय पोर्टल’ पर अपडेट की जा रही है ताकि प्रभावितों को समय पर उपचार मिल सके। उल्लेखनीय है कि 24 मार्च 2026 से जारी इस 100 दिवसीय अभियान के तहत उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और कारागारों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
स्क्रीनिंग के दौरान मिलने वाले सभी संदिग्ध मामलों और जांच रिपोर्ट को तत्काल ‘निक्षय पोर्टल’ पर अपडेट किया जाएगा। यह 100 दिवसीय टीबी कैंप गत 24 मार्च 2026 से शुरू किया गया है, जिसके तहत उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे गांवों, वार्डों और कारागारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
​प्रशासन का लक्ष्य जेल परिसर के भीतर क्षय रोग के संक्रमण की कड़ी को तोड़ना और प्रभावित बंदियों को समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराना है।

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