पीलीभीत। तराई के जंगलों से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में ‘विश्व प्रकृति निधि’ ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संस्था अब इको विकास समिति लालपुर के अंतर्गत आने वाले दो प्रमुख गांवों, लालपुर और विधिपुर को ‘वर्मी कंपोस्ट गांव’ (केंचुआ खाद ग्राम) के रूप में विकसित करने की योजना पर तेजी से कार्य कर रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है।
25 किसानों को मिला विशेष प्रशिक्षण
विश्व प्रकृति निधि के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि इस परियोजना के प्रथम चरण में दोनों गांवों के 25 प्रगतिशील किसानों का चयन किया गया है। इन किसानों को केंचुए के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद (वर्मी कंपोस्ट) तैयार करने का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में इन किसानों के लिए वर्मी कंपोस्ट पिट (खाद बनाने के गड्ढे) तैयार किए जा रहे हैं। परियोजना अधिकारी ने स्वयं गांवों का दौरा कर किसानों से वार्ता की और उन्हें इस तकनीक की बारीकियों से अवगत कराया। जल्द ही इन सभी चयनित किसानों को केंचुए उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जिससे खाद उत्पादन का कार्य विधिवत रूप से आरंभ हो सकेगा।
बाजार उपलब्ध कराने की भी तैयारी
विश्व प्रकृति निधि की यह योजना केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के उत्पाद को सही बाजार दिलाने पर भी विचार किया जा रहा है। योजना के अनुसार, तैयार वर्मी कंपोस्ट को वानिकी कार्यों में प्रयोग करने के लिए ‘वन एवं वन्य जीव प्रभाग’ को आपूर्ति किए जाने की संभावनाओं पर मंथन हो रहा है। यदि यह प्रयास सफल रहता है, तो किसानों को खाद बेचने के लिए दूर नहीं जाना होगा और उन्हें घर बैठे ही उचित मूल्य प्राप्त होगा।
लालपुर पेड़े के बाद अब खाद से होगी पहचान
उल्लेखनीय है कि इको विकास समिति लालपुर पहले ही अपने ‘लालपुर के पेड़े’ के लिए क्षेत्र में खासी लोकप्रियता हासिल कर चुकी है, जिसे बढ़ावा देने में विश्व प्रकृति निधि का अहम योगदान रहा है। अब समिति को आर्थिक रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए जैविक खाद निर्माण को एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। इस नवाचार से न केवल ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते प्रयोग पर भी लगाम लगेगी, जो पर्यावरण और जंगल की सेहत के लिए भी हितकारी है।
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