पीलीभीत। जनपद के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर है। शासन द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 29.88 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है, जिसे जिला गन्ना प्रशासन ने तत्काल किसानों के खातों में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है। जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने बताया कि इस धनराशि के प्राप्त होते ही किसान सहकारी चीनी मिलों ने अपने बकाया भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी है।
मिलवार भुगतान की स्थिति
प्राप्त बजट में से बीसलपुर चीनी मिल को 17.88 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे मिल ने 06 जनवरी 2026 तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान पूर्ण कर लिया है। इसके साथ ही बीसलपुर मिल का कुल भुगतान प्रतिशत 79.57 हो गया है। वहीं, पूरनपुर चीनी मिल को 12 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिससे 17 दिसंबर 2025 तक का बकाया चुका दिया गया है। पूरनपुर मिल अब तक कुल 48.12 प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। निजी क्षेत्र की एल.एच. चीनी मिल (पीलीभीत) ने शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है, जबकि बरखेड़ा चीनी मिल ने भी नए पेराई सत्र का 2.45 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया है।
उत्पादन और खरीद के आंकड़े
जनपद की सभी चीनी मिलों द्वारा अब तक कुल 410.54 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, चालू सत्र में अब तक 164.03 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की जा चुकी है, जिससे 15.58 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। वर्तमान में चारों चीनी मिलें अपने आवंटित क्षेत्रों में सुचारू रूप से पेराई कार्य कर रही हैं। गन्ने की खरीद में एल.एच. चीनी मिल 102.08 लाख क्विंटल के साथ सबसे आगे है, जबकि बरखेड़ा ने 34.95 लाख, पूरनपुर ने 13.68 लाख और बीसलपुर ने 13.32 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है।