वाराणसी | न्यूज़ डेस्क
धर्मनगरी काशी में गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने और उसका वीडियो वायरल करने के मामले में गिरफ्तार 14 आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 1 अप्रैल को होगी।

नाविकों को धमकाने और अपहरण का आरोप

पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि इन युवकों ने न केवल गंगा की मर्यादा को ठेस पहुंचाई, बल्कि नाविकों को जबरन धमकाकर नाव को अपने कब्जे में लिया था। सरकारी पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने विरोध करने पर नाविकों के साथ अभद्रता की और इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई।

कोर्ट में रो पड़े आरोपी, पुलिस का कड़ा रुख

सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान कुछ आरोपी जज के सामने फूट-फूटकर रोते हुए नजर आए और रिहाई की गुहार लगाई। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण (Kidnapping) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

धार्मिक आस्था और कानून पर छिड़ी बहस

इस घटना के बाद वाराणसी में धार्मिक स्थलों की मर्यादा और कानून व्यवस्था को लेकर नई बहस छिड़ गई है। हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों ने गंगा की पवित्रता बनाए रखने के लिए आरोपियों के खिलाफ सख्त मिसाल कायम करने की मांग की है। फिलहाल सभी 14 आरोपी सलाखों के पीछे हैं।

(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *