वाशिंगटन | ईरान के खिलाफ सैन्य मोर्चे पर डटे अमेरिका को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा आधिकारिक खुलासा हुआ है। अमेरिकी थिंक-टैंक कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की ताजा और उच्च स्तरीय रक्षा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे अमेरिकी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के दौरान अमेरिकी वायुसेना को भारी रणनीतिक और वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। इस युद्ध में अमेरिका के कम से कम 42 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और एडवांस्ड ड्रोन्स या तो पूरी तरह नष्ट हो गए हैं या फिर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

ड्रोन के मोर्चे पर लगा सबसे तगड़ा झटका: 24 ‘रीपर’ ढेर

सीआरएस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान के दौरान अमेरिकी सेना को सबसे भारी और दर्दनाक नुकसान ड्रोन के मोर्चे पर झेलना पड़ा है। आसमान से सटीक निशाना लगाने वाले अमेरिका के 24 एमक्यू-9 रीपर (MQ-9 Reaper) ड्रोन इस युद्ध में पूरी तरह प्रभावित या नष्ट हुए हैं। अमेरिकी बेड़े के इन आधुनिक ड्रोन्स का इतनी बड़ी संख्या में प्रभावित होना अमेरिकी वायुसेना की हवाई संप्रभुता और तकनीक पर एक बड़ा सवालिया निशान है।

F-35A और F-15E समेत जासूसी विमान भी तबाह

नुकसान की यह सूची केवल ड्रोन्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दुनिया के सबसे महंगे और अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भी शामिल हैं:

  • 01 F-35A लाइटनिंग II: अमेरिका का सबसे आधुनिक और रडार की पकड़ में न आने वाला स्टील्थ फाइटर जेट इस सूची में शामिल है।
  • 04 F-15E स्ट्राइक ईगल: अमेरिकी वायुसेना के मुख्य रीढ़ माने जाने वाले चार लड़ाकू विमान नष्ट हुए हैं।
  • 07 केसी-135 स्ट्रेटोटैंकर: हवा में ही लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने वाले सात विशाल टैंकर विमान भी इसकी चपेट में आए हैं।
  • जासूसी विमान: टोही और खुफिया जानकारी जुटाने वाले अमेरिकी जासूसी विमान भी इस क्षति सूची का हिस्सा हैं।

29 बिलियन डॉलर (₹2.40 लाख करोड़) के पार पहुंचा युद्ध का खर्च

इस अप्रत्याशित और भीषण सैन्य नुकसान के कारण अमेरिकी रक्षा बजट पर भारी दबाव आ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की कुल अनुमानित सैन्य लागत तेजी से बढ़कर 29 बिलियन डॉलर (लगभग 2.40 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच चुकी है। कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस ने वैश्विक स्तर पर सचेत करते हुए कहा है कि चूंकि युद्ध क्षेत्रों से वास्तविक और खुफिया डेटा का वर्गीकरण और समीक्षा अभी भी जारी है, इसलिए अमेरिकी सेना को हुए नुकसान की यह संख्या अभी अंतिम नहीं है। आने वाले दिनों में नष्ट हुए विमानों और वित्तीय घाटे के आंकड़े और अधिक बढ़ सकते हैं।

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