आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई एक पुलिस मुठभेड़ के मामले में जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच (Magistrial Inquiry) के आदेश दे दिए हैं। इस मुठभेड़ में एक युवक की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब मामले की निष्पक्ष जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट (City Magistrate) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

🔴 28 मार्च को मुठभेड़ में मारा गया था सुनील

मामला आगरा के ताजगंज इलाके का है, जहां बीती 28 मार्च को समोगर घाट पांटून पुल के पास पुलिस और बदमाशों के बीच कथित मुठभेड़ हुई थी। इस एनकाउंटर के दौरान सुनील नाम के एक युवक को गोली लगी थी, जिसकी बाद में मौत हो गई [1]。 इस घटना के बाद से ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे थे।

🔴 नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी गई कमान, 2 जून तक का समय

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस पूरे एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जांच कराने का फैसला लिया है:

  • जांच अधिकारी: इस संवेदनशील मामले की पूरी जांच आगरा के नगर मजिस्ट्रेट करेंगे।
  • बयान दर्ज कराने की तारीख: घटना के संबंध में यदि किसी व्यक्ति के पास कोई जानकारी, सबूत या चश्मदीद गवाह है, तो वह 2 जून 2026 तक नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करवा सकता है।

🔍 निष्पक्षता के लिए उठायें कदम

पुलिस मुठभेड़ में हुई युवक की मौत के बाद मानवाधिकार गाइडलाइंस और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत यह मजिस्ट्रियल जांच बैठाई गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और नियत तारीख तक मिलने वाले बयानों और सबूतों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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